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*आंतरिक गुणवत्ता सुधार पर खैरागढ़ विश्वविद्यालय में विशेष व्याख्यान, विद्यार्थी और शोधार्थियों ने लिया लाभ*

खैरागढ़/कवर्धा। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के IQAC (आंतरिक गुणवत्ता सुधार प्रकोष्ठ) के द्वारा विश्वविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान में विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव प्रो.डॉ. दिलीप घोष ने दो विषयों पर व्याख्यान दिया। इस कार्यक्रम से तकरीबन 400 प्रतिभागी लाभान्वित हुए।

उल्लेखनीय है कि प्रो. घोष खैरागढ़ विश्वविद्यालय में सन् 1967 से 1985 तक पदस्थ रहे।इस दौरान उन्होंने कुलसचिव के रूप में प्रशासनिक प्रमुख की भूमिका निभाई। विश्वविद्यालय को आधारभूत विस्तार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। डॉ. घोष ने यहाँ “नई शिक्षा नीति 2022 (विभिन्न कलाओं के विशेष संदर्भ में)” तथा “विश्वविद्यालय का भविष्य एवं स्वरूप” दो विषयों पर व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम का संचालन IQAC के प्रशासनिक सदस्य डॉ. लिकेश्वर वर्मा ने किया। आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ.आई.डी. तिवारी ने किया। कार्यक्रम में कुलपति पद्मश्री डॉ. मोक्षदा (ममता) चंद्राकर विशेष रूप से उपस्थित थी। उनके अतिरिक्त डीन डॉ. हिमांशु विश्वरूप, डॉ.नीता गहरवार, डॉ. मृदुला शुक्ला, डॉ. काशीनाथ तिवारी, डॉ. वी. नागदास, भूतपूर्व प्रोफेसर मुकुंद नारायण भाले, प्रो. डॉ. ज्योति बख्शी, प्रो.नमन दत्त आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक, अधिकारी, शोधार्थी समेत पूरा विश्वविद्यालय परिवार मौजूद था।

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