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राजनांदगांव। कोरोना काल 2019-20 एंव 2020-21 में जब सभी सरकारी स्कूले बंद थी तो 2 करोड़ 34 लाख के गुणवत्ताहीन किचन डिवाईस की खरीदी कर वितरण कर शासन को भारी आर्थिक क्षति पंहुचाया गया और केन्द्र सरकार से प्राप्त आबंटन में भारी भ्रष्टाचार किया गया था जिसको लेकर राजनांदगांव के विधायक एंव पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने छ.ग. विधान सभा बजट सत्र 2022 में ध्यानाकर्षण के माध्यम से सदन में सवाल उठाया था जिसका जवाब देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी रूपलाल ठाकूर ने सदन को बताया था कि कोरोना काल 2019-20 एंव 2020-21 में किचन डिवाईस खरीदी में ना किसी भी प्रकार का शासन को आर्थिक क्षति पंहुचाया गया और ना ही भ्रष्टाचार किया गया है।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौपकर यह बताया कि तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी हेतराम सोम ने दिनांक 25/02/2021 को बर्तन सप्लाई करने वाली कंपनी और गुणवत्ता प्रमाण पत्र देने वाली कंपनीयों को कारण बताओ नोटिस जारी कर यह कहा था कि जो किचन डिवाईस सप्लाई किया गया है वह गुणवत्ताहीन था जिससे वापस ले जाकर निर्धारित मानको के अनुरूप बर्तन सप्लाई करने के संबंध में कंपनी को अनेको पत्र लिखे गए लेकिन कंपनी ने गुणवत्ताहीन बर्तन वापस नही ले जाने में कोई रूचि नही दिखाया और बिना जांच किए ही गुणवत्ता प्रमाण पत्र दिया गया और इस प्रकार शासन को आर्थिक क्षति पंहुचाने का प्रयास किया गया, क्यां ना कंपनीयों को काली सूचि में डालने की कार्यवाही की जाए।
श्री पॉल ने बताया कि पूर्व डीईओ ने यह स्वीकार कर लिया था कि बर्तन गुणवत्तीहीन है, उसे वापस करना है और निर्धारित मानको ने अनुरूप बर्तन सप्लाई होना है लेकिन उसी गुणवत्ताहीन बर्तन को वितरण कर कंपनीयों को भुगतान कर दिया गया और इस प्रकार शासन को आर्थिक क्षति हुई है लेकिन वर्तमान में पदस्थ डीईओ ने सदन में विधायक महोदय को झूठा साबित करने की नियत से झूठी जानकारी दिया गया है और सदन में झूठी जानकारी देना गंभीर प्रकृति का अपराध है इसलिए उनके विरूद्ध कार्यवाही होनी चाहिए।

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