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अभिव्यक्ति की आजादी छीनने वाले आदेश के खिलाफ सड़क पर उतरे भाजपाई, विरोध दर्ज करवाते दी गिरफ्तारी

कबीरधाम। धरना,आंदोलन,प्रदर्शन और रैली पर राज्य सरकार के गृह विभाग की तरफ से जारी नए आदेश के खिलाफ प्रदेशभर में बीजेपी ने जेल भरो आंदोलन किया । इसी क्रम में जिला भाजपा द्वारा इस आदेश को मिनी इमरजेंसी की संज्ञा देते जिलाध्यक्ष अनिल ठाकुर के नेतृत्व मे नगर भारत माता चौक में दोपहर 2 बजे से सरकार के खिलाफ एकत्रित होकर धरना देते आंदोलन का बिगुल फूंका । धरना उपरांत रैली की शक्ल मे कलेक्ट्रेट घेराव करने निकले हजारों नेताओं व कार्यकर्ताओं को प्रशासन द्वारा सरदार पटेल मैदान के पास रोक लिया गया जहां उन्होंने गिरफ्तारी दी । इस संबंध मे शनिवार को जिला भाजपा कार्यालय में पदाधिकारियों व नेताओ की बैठक हुई थी जहां जरूरी रणनीति बनाने के अलावा पदाधिकारियों को जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी । दरअसल, राज्य सरकार ने धरना प्रदर्शन और जुलूस करने के लिए प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है, जिसे भारतीय जनता पार्टी काला कानून कहते हुए अपना विरोध जता रही है ।

धरना स्थल पर उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद सन्तोष पांडे ने कहा कि यह सिर्फ भाजपा का नहीं, आम जनता का आंदोलन है । भाजपा व अनुषांगिक संगठन से जुड़े पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के अलावा विभिन्न कर्मचारी संगठन व सामाजिक संगठन के लोग भी इस गम्भीर विषय में शामिल हो रहे हैं । कांग्रेस की सरकार प्रदेश की जनता से उनके मौलिक अधिकारों को छीनकर 1977 के आपातकाल वाली परिस्थिति पैदा करने की कोशिश कर रही है जिसे किसी भी कीमत में सफल नहीं होने दिया जाएगा ।

वही पूर्व सांसद अभिषेक सिंह ने कहा कि भूपेश सरकार द्वारा आंदोलन की अनुमति पर बनाए गए नियम अलोकतांत्रिक है । समानता और न्याय के आदर्शो के साथ ही लोकतांत्रिक मूल्य का एक महत्त्वपूर्ण घटक होती है स्वतंत्रता, और स्वतंत्रता से तात्पर्य अभिव्यक्ति की आजादी भी होता है । हर मुद्दे पर फेल हो चुकी राज्य की कांग्रेस सरकार अपने आप को चारो तरफ से घिरा हुआ पाकर ऐसे आदेश जारी कर रही है जिससे छत्तीसगढ़ वासियों की अभिव्यक्ति की आजादी को छीना जा सके ।

जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य देश एवं समाज की प्रगति के बेहतर मानक होते है जो समाज को सर्वसमावेशी और न्यायिक बनाते है । धरना,प्रदर्शन,आंदोलन आदि पर रोक लगाने छत्तीसगढ़ की डरी हुई सरकार द्वारा काला कानून लाकर छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र की हत्या का प्रयास किया गया है जिसका हम पुरजोर विरोध करते है ।

इस दौरान सन्तोष पांडे सांसद, अभिषेक सिंह पूर्व सांसद, अनिल सिंह जिलाध्यक्ष,विजय शर्मा प्रदेश मंत्री,सिया राम साहू पूर्व विधायक, मोती राम चंद्रवंशी पूर्व विधायक, रामकुमार भट्ट पूर्व जिलाध्यक्ष, द्वय महामंत्री वीरेंद्र साहू, क्रांति गुप्ता,अजीत चंद्रवंशी, भावना बोहरा, चंद्रवंशी रामकृष्ण साहू, गोपाल साहू, सभी भाजपा के जिला उपाध्यक्ष, सभी मंत्री और 14 मंडल के मंडल अध्यक्ष एवं मंडल महामंत्री, मंत्री और सभी मोर्चा के जिलाध्यक्ष महामंत्री,मंत्री एवं जिले के सभी वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है साथ ही सभी ने अपनी विरोध कर गिरफ्तारी दी ।

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