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राजनांदगांव जिला टीबी नियंत्रण में कांस्य पदक सर्टिफिकेट के लिए किया गया नामांकित


राजनांदगांव 22 फरवरी 2022। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राजनांदगांव जिले को राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत वर्ष 2015 से 2021 के कार्य एवं परफार्मेंस के आधार पर जिले को सब नेशनल सर्टिफिकेशन अवार्डं (कांस्य पदक) के लिए नामांकित किया गया है। इसके अंतर्गत आईसीएमआर, सेन्ट्रल टीबी डिवीजन एवं राज्य कार्यालय के द्वारा सर्वे, भौतिक सत्यापन व ग्रुप परिचर्चा, साक्षात्कार आदि मापदण्डों को आधार मानते हुए अंतिम रैंकिंग की जाएगी। इस हेतु केन्द्र एवं राज्य की टीमों के द्वारा सर्वे के दौरान समय-समय पर जिले का भ्रमण किया जाएगा।
कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी तथा जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. अल्पना लूनिया के मार्गदर्शन में राजनांदगांव जिले में सब नेशनल सर्टिफिकेशन अवार्ड हेतु सर्वे का कार्य किया जा रहा है। 22 फरवरी 2022 को जिला स्तरीय समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा द्वारा सर्वे के लिए चिन्हांकित 15 ग्रामों में शत-प्रतिशत सर्वे पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. अल्पना लूनिया ने बताया कि टी.बी. रोग नियत्रंण की दिशा में बेहतर कार्य के लिए राजनांदगांव जिले को सब नेशनल सर्टिफिकेशन अवार्ड हेतु नामांकित किया गया है। इस हेतु सेन्ट्रल टी.बी. डिवीजन की टीम द्वारा जिले के टी.बी. कार्यक्रम की उपलब्धियों का आंकलन किया जाएगा।
सेन्ट्रल टी.बी. डिवीजन के द्वारा प्रारंभिक रूप से चिन्हांकित किए गए जिले के छुईखदान विकासखण्ड के ग्राम बेलगांव एवं गंडई के वार्ड क्रमांक 7, खैरागढ़ विकासखण्ड के ग्राम सहसपुर एवं पिपरिया वार्ड नंबर 1, डोंगरगढ़ विकासखण्ड के ग्राम कारूटोला एवं बंजारी, घुमका विकासखण्ड के ग्राम कुंआरझोरकी एवं इंदावानी, छुरिया विकासखण्ड के ग्राम जरहामाहका एवं मासुलकसा, डोंगरगांव विकासखण्ड के ग्राम सिंगारपुर एवं मनेरी, मोहला विकासखण्ड के ग्राम पदगोंदी, मानपुर विकासखण्ड के ग्राम कुम्हारी, अंबागढ चौकी विकासखण्ड के ग्राम भनसुला आदि ग्रामों में सर्वे के माध्यम से संभावित टी.बी. लक्षणों वाले व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। 15 एवं 16 फरवरी को जिले मेेंं चिन्हांकित किए गए वालिंटियर का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें इस हेतु प्रशिक्षित किया गया है। सर्वे करने वाली टीम के द्वारा चिन्हांकित किए गए प्रत्येक ग्रामों में घर-घर जाकर परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी लेकर पूर्व टीबी मरीजों, वर्तमान में टीबी की दवा खा रहे एवं टीबी के संभावित लक्षणों वाले व्यक्तियों की पहचान टीम के द्वारा की जा रही है एवं क्षय रोग के लक्षणों वाले संभावित टीबी मरीजों का सैंपल एकत्रित कर उसे उसी दिन उसे ट्रूनॉट लैब के माध्यम से जांच का कार्य कराया जा रहा है। इन ग्राम में उपरोक्तानुसार व्यक्तियों के न मिलने पर टीम के द्वारा समीप के ग्रामों में सर्वे का कार्य किया जाएगा।
केन्द्र, राज्य एवं जिले की टीम के द्वारा 21 फरवरी को ग्राम सिंगारपुर एवं सड़कबंजारी में चल रहे सर्वे कार्य का सर्पोटिव सुपरविजन किया गया एवं सर्वे के दौरान वांलिटियर को आ रही समस्याओं का निराकरण किया गया। टीम के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगांव के ट्रूनॉट लैब, टीबी यूनिट आदि का भी निरीक्षण किया गया। आगामी भ्रमण के दौरान टीम के द्वारा शासकीय चिकित्सकों, प्राईवेट नर्सिंग होम चिकित्सकों, औषधि निरीक्षकों, प्राईवेट केमिस्ट आदि से भी भेंट करेगी। विदित हो कि टीबी रोग के प्रमुख लक्षण में दो सप्ताह से अधिक खांसी, शाम के समय बुखार आना, वजन घटना, खंखार में खून आना आदि सम्मिलित है। यह रोग किसी भी उम्र में किसी भी व्यक्ति को कभी भी हो सकता है। यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। टीबी के लक्षण वाले व्यक्ति मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल राजनांदगांव या समीप के सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में जांच करा सकते है।

By Amitesh Sonkar

Sub editor

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