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*2027 की जनगणना में निष्पक्ष जाति जनगणना और राज्य-वार OBC ड्रॉप-डाउन सूची शामिल करने की मांग, ओबीसी महासभा ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन*

कवर्धा ।। आज ओबीसी महासभा द्वारा पिछड़े वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और देश में एक पारदर्शी व निष्पक्ष जाति जनगणना सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय तहसीलदार के माध्यम से भारत के माननीय राष्ट्रपति और केंद्र सरकार को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन के जरिए ओबीसी महासभा ने चल रही 2027 की राष्ट्रीय जनगणना प्रक्रिया को तत्काल रोककर इसे अधिक समावेशी और सटीक बनाने की पुरजोर मांग की है।
सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से मांग की गई है कि आगामी 2027 के राष्ट्रीय जनगणना नोटिफिकेशन के प्रश्न संख्या 10 में पिछड़े वर्गों (OBC) का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाए, ताकि उन्हें SC और ST की मौजूदा संवैधानिक श्रेणियों के समकक्ष लाया जा सके। महासभा का कहना है कि सच्चे लोकतांत्रिक शासन और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण के लिए पिछड़े वर्गों का सटीक और निष्पक्ष संख्यात्मक डेटा होना अनिवार्य है।

ज्ञापन में शामिल प्रमुख मांगें और बिंदु:
1. संवैधानिक श्रेणियों में स्पष्ट उल्लेख: 2027 की जनगणना के नोटिफिकेशन के प्रश्न संख्या 10 में पिछड़े वर्गों (OBC) का स्पष्ट विकल्प जोड़ा जाए।
2. राज्य-वार ड्रॉप-डाउन सूची और कोडिंग: डेटा में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक त्रुटि, गलत वर्गीकरण या जानकारी छूटने से बचाने के लिए डिजिटल ढांचे में प्रत्येक राज्य के अनुसार विशिष्ट जाति नामों की ड्रॉप-डाउन सूची और कोडिंग शामिल की जाए।
3. पारदर्शी और विस्तृत डेटा जारी करने की प्रतिबद्धता: केंद्र सरकार अपने अस्पष्ट सार्वजनिक रुख को छोड़कर सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए जाति-वार विस्तृत आंकड़े सार्वजनिक करने का स्पष्ट संकल्प ले।
4. वर्तमान प्रक्रिया पर रोक और हाइब्रिड मोड की मांग: जब तक देश के सबसे बड़े हिस्से (OBC) को इस गणना में सही स्थान नहीं मिलता, तब तक वर्तमान प्रक्रिया को रोका जाए और राज्य-वार कोडिंग के साथ इसे एक पारदर्शी हाइब्रिड मोड में फिर से शुरू किया जाए।

ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछड़े वर्ग भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ और आबादी का एक बड़ा हिस्सा हैं। सटीक डेटा के अभाव में अब तक लक्षित कल्याणकारी नीतियां, वित्तीय आवंटन और शैक्षिक आरक्षण दोषपूर्ण बने हुए हैं, जिससे सामाजिक न्याय की अवधारणा कमजोर हो रही है। महासभा ने माननीय राष्ट्रपति से इस गंभीर विषय पर तुरंत हस्तक्षेप करने और केंद्र सरकार को उचित दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की है।

इस अवसर पर ओबीसी महासभा के प्रमुख पदाधिकारी प्रदेश संगठन मंत्री आनंद साहू,जिलाध्यक्ष बालाराम साहू, महासचिव भुनेश्वर गड़ेवाल, हरीश साहू, संजीव साहू उपस्थित रहे।

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