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कबीरधाम में मनरेगा शिकायत पर उठे सवाल, 7 दिन में कार्रवाई के निर्देश के बाद भी नहीं उठाये कोई ठोस कदम

कवर्धा XReporter News।। मनरेगा के अंतर्गत नियुक्त संविदा एवं मानदेय अधिकारी-कर्मचारियों से योजना के अतिरिक्त अन्य कार्य कराए जाने की शिकायत पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। आवेदक रिंकू महोबिया द्वारा 12 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री कार्यालय रायपुर में शिकायत पत्र भेजा गया था, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने संबंधित शिकायत को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद, नया रायपुर को अग्रेषित किया।

इसके बाद महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद द्वारा 20 मार्च 2026 को पत्र जारी कर जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं कलेक्टर कबीरधाम को निर्देशित किया गया कि मामले की जांच कर 7 दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए तथा संबंधित विभाग और शिकायतकर्ता को भी कार्रवाई से अवगत कराया जाए। पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि शिकायतकर्ताओं द्वारा यह आरोप लगाया गया है कि मनरेगा में नियुक्त संविदा और मानदेय कर्मचारियों से योजना से हटकर अन्य कार्य कराए जा रहे हैं।

हालांकि निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद भी अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। न तो शिकायतकर्ता को कोई सूचना दी गई है और न ही संबंधित विभाग की ओर से जांच या प्रतिवेदन की जानकारी सार्वजनिक हुई है। इससे पूरे मामले में संदेह की स्थिति बन रही है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि उच्च स्तर से 7 दिन में कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, तो फिर अब तक जांच क्यों पूरी नहीं हुई और जिम्मेदार अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की। मामले में देरी से यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं शिकायत को दबाने या मामले को लंबित रखने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा।

जानकारी के अनुसार पत्र की प्रतिलिपि संभाग आयुक्त दुर्ग, जिला पंचायत कबीरधाम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित शिकायतकर्ताओं को भी भेजी गई थी, जिससे यह माना जा रहा था कि जल्द ही जांच प्रारंभ होगी। लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आने से शिकायतकर्ता और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए तथा शिकायतकर्ता को लिखित रूप से अवगत कराया जाए। साथ ही यह भी मांग उठ रही है कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।।

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