*देवसरा में दो दिवसीय राजगोंड महासभा हुआ संपन्न-*
कवर्धा। श्री बुढ़ादेव राजगोंड समाज सेवा समिति प्रधान कार्यालय भोरमदेव,पं.क्र.-22571 के तत्वावधान में राजगोंड महासभा भोरमदेव का 15 वीं महासभा का आयोजन ग्राम देवसरा में 14-15 मार्च 2026 को आयोजित किया गया।यह आयोजन राजगोंड महासभा भोरमदेव के अंतर्गत 4 राज कवर्धा, पंडरिया, लोरमी और केंदा राज के सगाजनों के उपस्थित में सम्पन्न हुआ।
महासभा के प्रथम दिवस विधिवत परम शक्ति श्री बुढ़ादेव की पूजा कर शुभारंभ किया गया, शुभारंभ के अवसर पर अखिल राजगोंड महासभा भारतवर्ष के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नीलकरण राज ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुये, उन्होंने अपने संबोधन में राजगोंड समाज को एकजुट रहने तथा सामाजिक संस्कृति और परम्पराओं का पालन करने एवं संरक्षित करने का संदेश दिया। आगे उन्होंने सामाजिक इतिहास ,विभिन्न राज्यों के राजगोंड समाज तथा राजपत्रों में राजगोंड जाति का उल्लेख होने के बारे में विस्तृत जानकारी साझा किया तथा समाज में सामाजिक निति के साथ साथ आर्थिक निती और राजनैतिक नेतृत्व की दिशा में भी आगे बढ़ने की बातें कही।
महासभा में राजगोंड समाज के सामाजिक संविधान-नियमावली में निहित प्रमुख संस्कार,प्रथाओं,नेंग दस्तूर,परम्परा और सामाजिक समस्याओं से संबंधित 17 अनुसूची के विभिन्न धाराओं पर विस्तृत चर्चा सगाजनों से सुझाव लेते हुए किया गया। साथ ही महासभा में नवीन प्रस्ताव सहित, सामाजिक गोत्रावली, इतिहास, महिला प्रभाग तथा युवा प्रभाग का गठन करने तथा धर्मांतरण जैसे विषयों पर भी मंथन किया गया।साथ ही महासभा में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और संवैधानिक हक अधिकारों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान किया गया।
राजगोंड महासभा के विशेष अतिथि विदेशी राम धुर्वे (राजगोंड समाज संरक्षक) ने सामाजिक नियमावली के सभी 17 अनुसूची पर वन टू वन चर्चा करने मे अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाया तथा उपस्थित सगा जनों से आवश्यक सुझाव लिया । उन्होंने अपने उद्बोधन में समाजिक नियमावली तथा अपनी रूढ़िगत परम्पराओं का पालन सभी को करने तथा संरक्षित करने की बात कही। और समाज में शिक्षा, नशामुक्ति एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में कार्य करने हेतु बल दिया।
अंत में समस्त केंद्रों तथा प्रधान कार्यालय के कार्यकाल की समीक्षा किया गया, जिसमें प्रधान कार्यालय भोरमदेव के अध्यक्ष फगनू राम धुर्वे ने सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न सामाजिक विषयों की जानकारी प्रदान करते हुए समस्त सामाजिक केंद्र के वर्तमान कार्यकारिणी को भंग करने तथा नये कार्यकारिणी पदाधिकारियों का चयन/मनोनयन करने की घोषणा किया। इस महासभा में राजगोंड समाज के विभिन्न सामाजिक केंद्र समिति के अध्यक्ष सचिव पदाधिकारीगण और सगाजन हजारों की संख्या में उपस्थित रहें।


