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  • “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पाठ्यक्रम एवं शोध सुधार” विषय पर कार्यशाला का आयोजन 

राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनंदगांव में IQAC एवं अंग्रेजी विभाग के संयुक्त तत्वाधान में दिनांक 17 अप्रैल 2023 से 21 अप्रैल 2023 तक “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पाठ्यक्रम एवं शोध सुधार”  विषय 05 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। प्रथम दिवस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर जी.डी.शर्मा वाइस चांसलर, यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी मेघालय एवं डॉ. जी. ए. घनश्याम, OSD उच्च शिक्षा विभाग रायपुर, छत्तीसगढ़ सम्मिलित हुए।

संस्था के प्राचार्य डॉ. के. एल. टांडेकर ने मुख्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया एवं अपने वक्तव्य में NEP लागू होने के बाद की वर्तमान स्थिति और उसमे उत्पन्न हो रही समस्याओं से अवगत कराया।

प्रोफेसर जीडी शर्मा ने अपने व्याख्यान में बताया राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। विद्यार्थियों को रोजगार के अनुरूप तैयार करना और मल्टी डिसिपनरी स्ट्डीज उपलब्ध कराना है। NEP विद्यार्थियों को उनके च्वाइस के मुताबिक बहुत सारे विषयो के विकल्प उपलब्ध कराता है इसके साथ इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट और अन्य लर्निंग कंटेंट मौजूद है जो विद्यार्थियों के विभिन्न प्रकार के स्किल्स को विकसित करता है। बदलते पाठ्यक्रम के अनुसार प्राध्यापकों को भी अपने ज्ञान और जानकारी को अपडेट करना होगा ताकि युवाओं को बेहतर भविष्य दिया जा सके।

डॉ. घनश्याम उच्च शिक्षा विभाग रायपुर ने अपने व्याख्यान में बताया कि जरुरत के अनुरूप पाठ्यक्रम में परिवर्तन समय की आवश्यकता थी। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा और सीखने पर ध्यान केंद्रित करना और “भारत को एक वैश्विक ज्ञान महाशक्ति” बनाना है। नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 का प्रारूप पूर्व भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रमुख के. कस्तूरीरंगन के नेतृत्व में विशेषज्ञों के एक पैनल द्वारा तैयार किया गया था।

नई शिक्षा नीति को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी मिल गयी हैं, जो 34 वर्षों के बाद शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रमुख और ऐतिहासिक निर्णय है। जिसका लक्ष्य 2040 तक एक कुशल शिक्षा प्रणाली बनाना है, जिसमें सभी शिक्षार्थियों की सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा तक समान पहुंच हो। 2035 तक व्यावसायिक शिक्षा सहित उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात को 26.3% से बढ़ाकर 50% करना है।

साथ ही उन्होंने NAAC के अतरिक्त NIRF की ग्रेडिंग के बारे में बताया।कार्यक्रम का संयोजक डॉ. अनीता शंकर ने कार्यक्रम की रूपरेखा को बताया, डॉ. नीलू श्रीवास्तव कार्यक्रम का संचालन किया। डॉ. आराधना गोस्वामी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए करने का समापन किया। उक्त कार्यक्रम में IQAC समिति, अंग्रेजी विभाग, कार्यशला की विभिन्न समिति समेत सभी प्राध्यापकों, सहायक अध्यापकों का विषेश योगदान रहा।

By Amitesh Sonkar

Sub editor

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