- वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से भूमि की उपजाऊ क्षमता में हो रही वृद्धि
राजनांदगांव 13 अप्रैल 2023। कलेक्टर श्री डोमन सिंह के मार्गदर्शन में शासन की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना का जिले में सुचारू रूप से संचालन किया जा रहा है। योजनांतगर्गत कृषक प्रशिक्षण, संगोष्ठी, किसान मेला, गौठान मेला का आयोजन किया जा रहा है। गोधन न्याय योजना के तहत जिले के 355 सक्रिय गौठानों को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सर्वे के मांग अनुसार गोबर विक्रेताओं के लिए 4 लाख 85 हजार 5 रूपए का भुगतान किया गया है। गोधन न्याय योजना ग्रामीण एवं शहरी पशुपालकों के आय और रोजगार सृजन का लाभकारी साधन बन गया है।
गोधन न्याय योजना के तहत संचालित गौठानों में गोबर क्रय, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन व विक्रय एवं आजीविका से संबंधित गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। जिससे ग्रामीण एवं शहरी पशुपालकों की अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है। जिले में बड़ी संख्या में कृषकों द्वारा पशुपालन का व्यवसाय किया जाता है। इस योजना के लागू होने के पूर्व कृषक पशुपालन व्यवसाय से विमुख होते जा रहे थे। क्योंकि पशुधन संरक्षण एवं विकास के लिये वृहद स्तर पर योजना संचालित नहीं थी। गाय एवं भैंस वंशीय पशुओं के गोबर की व्यवस्थित ढंग से उपयोग नहीं होने, वैज्ञानिक पद्धति से ऑर्गेनिक खाद का उत्पादन नहीं करने एवं खुले पशुओं द्वारा उत्सर्जित गोबर को एकत्र नहीं करने के कारण कृषकों को इसका लाभ नहीं मिल रहा था। इस योजना से गोबर से निर्मित वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट जैसे आर्गेनिक खाद से कृषकों के खेतों में जैविक खेती की दिशा में उत्कृष्ट पहल की जा रही है। रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों का उपयोग कम होने से भूमि, जल, वायु, पर्यावरण के प्रदूषण को कम करके भोज्य श्रृंखला में रसायनों के अवशेष को कम किया जा रहा है। जिससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में सुधार होने की पूर्ण संभावना है। वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से भूमि की भौतिक दशा में सुधार हो रहा है एवं उपजाऊ क्षमता में वृद्धि हो रही है। आगामी खरीफ 2023 हेतु रासायनिक उर्वरकों की खपत को कम करके गुणवत्तापूर्ण अधिकतम वर्मी कम्पोस्ट कृषकों को उपलब्ध कराने की दिशा में सार्थक प्रयास किया जा रहा है।

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