IMG-20241026-WA0010
IMG-20241026-WA0010
previous arrow
next arrow

*भेंट-मुलाकात: वनवासियों को मिली एक और महत्वपूर्ण सौगात*

*राज्य में अब महुआ फूल (सूखा) का संग्रहण 31 मई तक*

*मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित अमल*

रायपुर/कवर्धा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भेंट-मुलाकात कार्यक्रम अंतर्गत बस्तर संभाग में भ्रमण के दौरान वनवासियों और लघु वनोपज संग्राहकों को एक और महत्वपूर्ण सौगात मिली है। इसके तहत मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित अमल करते हुए राज्य में अब महुआ फूल (सूखा) के संग्रहण अवधि को 30 अप्रैल से बढ़ाकर 31 मई तक कर दी गई है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बघेल भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के अंतर्गत गत दिवस 19 मई को बीजापुर वनमंडल के ग्राम आवापल्ली में पहुंचे थे। वहां ग्रामीणों से मुलाकात के दौरान संग्राहकों ने बताया कि वर्तमान वर्ष में अधिक मात्रा में महुआ फूल का उत्पादन हुआ है। इसे ध्यान में रखते हुए वनवासियों संग्राहकों द्वारा संग्रहण अवधि को बढ़ाने की मांग रखी गई थी। मुख्यमंत्री बघेल ने वनवासियों के हित को ध्यान में रखते हुए मौके पर ही राज्य में महुआ फूल (सूखा) के संग्रहण अवधि को बढ़ाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शीघ्र अमल करते हुए राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा महुआ फूल के संग्रहण अवधि को बढ़ाकर अब 31 मई तक कर दी गई है। पूर्व में यह एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक निर्धारित थी। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में लघु वनोपजों का संग्रहण सुचारू रूप से जारी है।
इस तारतम्य में प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ संजय शुक्ला ने समस्त प्रबंध संचालक, जिला वनोपज सहकारी यूनियन को निर्देशित किया है कि अपने-अपने वनमंडल अंतर्गत महुआ फूल (सूखा) क्रय का सुचारू संचालन सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि महुआ फूल (सूखा) क्रय हेतु देय राशि संबंधित संग्राहकों के बैंक खाते में हस्तांतरण करना आवश्यक है। इसमें समस्त समूह तथा समितियों को किसी भी वनोपज से महुआ फूल को व्यापारियों से क्रय करना वर्जित है। प्रबंध संचालक जिला यूनियनों को यह भी निर्देशित किया गया है कि यह पूर्ण रूप से सूखा पीले सुनहरे रंग का होना चाहिए।

You missed

error: Content is protected !!