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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ डोंगरगांव के ब्लाक अध्यक्ष भोज साहू ने सीएमएचओ और बीएमओ पर उच्च शिक्षा व प्रशिक्षण में गलत तरीके से स्वास्थ कर्मचारियों के चयन का आरोप लगाया है। श्री साहू ने दस्तावेज साक्ष्य के साथ मामले की लिखित शिकायत बुधवार को कलेक्टर से की है।
श्री साहू ने बताया कि उच्च शिक्षा व प्रशिक्षण के लिए कर्मचारियों को अपने अधिकारी के पास आवेदन लगाना पड़ता है। इसके बाद अधिकारी के द्वारा अनुशंसा करते हुए उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया जाता है फिर उच्च अधिकारियों के द्वारा वरिष्ठता सूची को ध्यान में रखते हुए संचालक को भेजकर अवगत कराते हैं फिर संचालक के द्वारा अनुमति प्रदान किया जाता है।
डां रागिनी चंद्रे तत्कालीन खंड चिकित्सा अधिकारी डोंगरगांव के द्वारा बिना किसी उच्च अधिकारी के आदेश के कर्मचारियों के आवेदन निरस्त कर दिया था। डां रागिनी चंद्रे के द्वारा अप्रैल 2021 में कर्मचारियों के द्वारा उच्च अध्ययन व प्रशिक्षण के लिए अनुमति मांगे गए थे जिसे बिना किसी उच्च अधिकारी के अनुशंसा पत्र के बढ़ते कोविड का हवाला देते हुए 18 लोगों का आवेदन पत्र को अमान्य कर दिया था। फिर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा दो कर्मचारी के नाम अनुशंसा करते हुए संचालक स्वास्थ्य सेवाये को पत्र लिखकर प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है जिसे स्वीकार करते हुए दो कर्मचारियों को एक साल का अनुमति प्रदान किया गया है।
डां रागिनी चंद्रे के द्वारा जब पहले आवेदन को निरस्त कर दिया था तो किस आधार पर चयन किया गया है। वहीं एक कर्मचारी के द्वारा आवेदन भी नहीं किया है फिर उस कर्मचारी का चयन किस आधार पर किया गया है। दूसरी तरफ ये भी कहना है अगर पुनः आवेदन मंगाया गया तो कर्मचारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। वहीं आवेदन के आधार पर चयन किया गया है तो इन दोनों कर्मचारियों से वरिष्ठता रखने वाले एक कर्मचारी ने भी आवेदन किया था उस कर्मचारी का चयन नहीं किया गया है। ऐसे में इस पूरे प्रकरण में अधिकारियों की मनमानी साफ झलक रही है। इन सभी बातों को लेकर कलेक्टर को पत्र सौंप कर जांच कर दोषी व्यक्ति को अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग किया गया है। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

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