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प्राणी शास्त्र विभाग द्वारा आयोजित विश्व वन्य जीव दिवस पर  जैव विविधता और उसमें हो रही गिरावट, वन्य जीवों के प्रति हो रहे कारकों जिसमे वनों का दोहन जैसे अनेक कारकों के बारे में जाना विधार्थी…

राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव के प्राणी शास्त्र विभाग में प्राचार्य डॉ. के.एल. टाडेंकर के दिशा निर्देशन में विश्व वन्य जीव दिवस का आयोजन 3 मार्च को किया गया। प्राचार्य डॉ. टाडेंकर ने वन्य जीवो के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे पर प्रकाश डालते हुये कहा कि वन्य जीवो की संख्या का कम होना जगंल और उनसे जुडे हुये व्यक्तियो के लिये एक खतरे की घंटी है न केवल मनुष्य बल्कि पूरा पर्यावरण इससे प्रभावित हो सकता है। इस अवसर पर एक दिवसीय व्याख्यान माला में विशेष वक्ता के रूप में एम.बी. पटेल कालेज साकोली महाराष्ट्र, रसायन विज्ञान के प्राध्यापक डाॅ.एल.पी. नागपुरकर ने जैव विविधता और उसमें हो रही गिरावट पर छात्रों को जानकारी दी। शेर के विशेष कारीडोर और इस पर मानव अतिक्रमण को उन्होने काफी चिंताजनक बताया। डॉ. नागपुरकर ने वन्य जीवों के प्रति हो रहे कारकों जिसमे वनों का दोहन, चराई और वन्य जीवों के शिकार बंद होने चाहिये और यह बात समाज के प्रत्येक व्यक्ति को ज्ञात होनी चाहिये इस पर विशेष जोर दिया।

वही विभाग के प्राध्यापक डाॅ. संजय ठिसके ने वन्य जीवों और उनके पारिस्थितिकी तंत्र के बीच संबध पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। और इकोसिस्टम का संतुलन न बिगडे इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिये। एम.एस.सी. अंतिम प्राणी शास्त्र की छात्रा कु. हेमिन सिन्हा ने वन्य जीवो की सुरक्षा पर विशेष कविता का वाचन किया। कार्यक्रम के पश्चात विभाग के प्राध्यपकों एवं प्राचार्य द्वार वृक्षारोपणा किया गया।

कार्यक्रम का संचालन विभाग के प्राध्यापक डॉ. माजिद अली ने किया। इस अवसर पर विभाग की विभागध्यक्ष श्रीमती उषा ठाकुर, श्रीमती खान , डॉ. के.एल. देवागंन सविता चन्द्रवंशी एवं एम.एस.सी विज्ञान के समस्त छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

By Amitesh Sonkar

Sub editor

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