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कवर्धा,बोड़ला – जिला महिला बाल विकास के द्वारा कवर्धा जिला में अनेको महिला स्वंय सहायता समूह संचालन किया जा रहा है । एक संस्था बोड़ला नगर में जय मां शक्ति सहायता स्वयं समूह संचालित है जिसका कारनामा सुनकर चौंक जाएंगे,इस मामले में अधिकारी, सुपरवाइजर, बाबू, इन सभी का महीना तय है जो कि प्रतेक माह शासन से राशि आहरण के बाद कमिशन तय किया जाता है और समूह को दबाव बना कर नगदी कमिशन लिया जाता है जिसकी खुलासा स्पष्ट रूप से किया । श्री जय माँ शक्ति स्वयं सहायता समूह के पूर्व सचिव और वर्तमान में सदस्य के रूप में कार्य कला बाई खरे कर रही है,जब कला खरे सचिव थी तब वह समूह को संचालित करने के लिए अपनी जेवर को सोनी के पास गिरवी रखकर रेडी टू ईट का सामग्री पोषक आहार खरीदी करती थी,और पूरा हिसाब कॉपी में लिखी हुईं हैं, जिसमे कितना समान कहां कहां से आया व किसको कितना रुपए सुपरवाइजर, बाबू को कमीशन गया ।बोड़ला महिला बाल विकास में कमीशन खोरी का खेल लम्बे समय से चल रहा है। 30 आंगनबाडी मिल कर 1 सेक्टर बनाया गया है बोड़ला विकास खण्ड में लगभग 8 सेक्टर केंद संचालित है।

बोड़ला नगर की श्री जय माँ शक्ति स्वयं सहायता समूह के द्वारा 30 आंगनबाड़ी केन्द्र में पोषक आहार की सफ्लाइ किया जाता हैं लेकिन उन सभी केन्द्र में बच्चों की दर्ज संख्या अनुपात के अनुसार कम मात्रा में सफ्लाइ किया जा रहा है और पोषक तत्व की मिश्रण में भी घोर लापरवाही कर रहे हैं जिससे बच्चों को सम्पूर्ण पोषक तत्व आहार नही मिल पा रहा है जिससे बच्चों की स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है । इस माह की पोषक आहार की कोई तैयारियां शुरू नही की गई क्योंकि जन्हा संचालित केंद्र था उसे तोड़ दिया गया है वहां से सूचना बोर्ड को भी हटा दिया गया है जबकि पोषक तत्व आहार तैयार करने में 10 दिन लगता है । अब देखना है कि शासन प्रशासन अपनी कितनी बड़ी जिम्मेदारी समझती है और कमीशन खोर भ्र्ष्टाचार करने वाले सुपरवाइजर, बाबू व समूह के लोगों पर क्या क्या कार्यवाही करती है ?

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