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अमृतसर सरोवर मिशन के अंतर्गत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से हो रहा नए तालाबों का निर्माण

नए तालाबों के निर्माण से ग्रामीणों को मिलेगा जल संग्रहण के नए स्रोत

कवर्धा। अमृत सरोवर मिशन के अंतर्गत कबीरधाम जिले के ग्रामीण अंचलों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के द्वारा अमृत सरोवर (तालाबों) का निर्माण किया जा रहा है। अमृत सरोवर मिशन अंतर्गत राज्य के प्रत्येक जिलों में 75 अमृत सरोवर (तालाबों) का निर्माण होना है। इसी क्रम में कबीरधाम जिले के विभिन्न ग्रामीण अंचलों में जिला प्रशासन द्वारा अमृत सरोवर निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 75 अमृत सरोवर का निर्माण किया जाना है तथा प्रत्येक सरोवर में कम से कम 2 एकड़ का तालाब क्षेत्र होगा जिसमें बंट निर्माण किया जाएगा तथा भविष्य में वृक्षारोपण करने का भी लक्ष्य रखा गया है। तालाब में लगभग 10000 घन मीटर के जलभराव की क्षमता होगी। तालाब निर्माण के लिए ऐसे स्थानो का चयन किया गया है जिसके आसपास 10 एकड़ क्षेत्र से पानी एनकैचमेंट होगा। इन तालाबों के निर्माण करने का मुख्य उद्देश्य जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों को राहत पहुंचाना है।

अमृत सरोवर मिशन (तालाब निर्माण) के साथ खुलते रोजगार के नए अवसर : सीईओ संदीप अग्रवाल

अमृत सरोवर मिशन के संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कुमार अग्रवाल ने बताया कि 75 स्थलो पर अमृत सरोवर के तहत तालाबों का निर्माण किया जाना है। योजना के अंतर्गत नवीन तालाब निर्माण किया जा सकता है अथवा मौजूदा संरचनाओं का कायाकल्प कर जीर्णोद्धार कर सकते हैं। कबीरधाम जिले में अभी तक 34 कार्यों की स्वीकृति दी जा चुकी है जिसमें से जनपद पंचायत पंडरिया क्षेत्र अंतर्गत 18, जनपद पंचायत कवर्धा के क्षेत्र अंतर्गत 5, जनपद पंचायत बोड़ला के क्षेत्र अंतर्गत 6 एवं जनपद पंचायत लोहारा के अंतर्गत 5 ग्राम पंचायतों में कार्य स्वीकृत किए गए हैं। सभी कार्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मे स्वीकृत किया गया है तथा अन्य स्थलों के लिए स्वीकृती की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरचनाओं के साथ ग्रामीणों को बड़ी मात्रा में रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होनें बताया कि प्रत्येक अमृत सरोवर के तहत स्वीकृत तालाबों में 19.99 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है जिसमें से 16.23 लाख रुपए मजदूरी पर एवं 3.76 लाख रुपए सामग्री पर व्यय किया जाना है । एक अमृत सरोवर तालाब निर्माण से 9050 मानव दिवस रोजगार का सृजन होगा इस तरह जिले के विभिन्न 34 स्थलों में होने वाले अमृतसर सरोवर से 3 लाख 7 हजार 700 मानव दिवस रोजगार की उपलब्धता ग्रामीणों को होगी जो उन्हें आर्थिक रूप से सीधे तौर पर लाभान्वित करेगा तथा गांव में जल के स्रोत का निर्माण होगा। लक्ष्य के अनुरूप और कार्य स्वीकृत होते ही रोजगार के और अधिक अवसर ग्रामीणों को मिलेंगे

अमृत सरोवर मिशन पर एक नजर

राष्ट्रीय पंचायत दिवस 24 अप्रैल 2022 के अवसर पर मिशन अमृत सरोवर का शुभारंभ किया गया था। जिसके तहत लक्ष्य रखा गया है कि चालू वित्त वर्ष 2022-23 में जल के स्रोतों को विकसित करते हुए जल संकट की समस्याओं का समाधान निकाला जाए। सभी ग्रामीण जिलों में कम से कम 75 अमृत सरोवर के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्य के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ पंचायती राज मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय, पर्यावरण वन जलवायु परिवर्तन मंत्रालय एवं अन्य मंत्रालय सहित कुल्फी विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं।

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