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मंत्री मोहम्मद अकबर ने प्रस्तावित घठौला बांध के क्षेत्र का किया निरीक्षण

जरहा नवागांव के निवासियों के साथ बैठक में हुई खुली चर्चा

ग्रामवासियो ने जल संकट बताकर बांध निर्माण की मांग की

मंत्री ने कहा ग्रामवासियों में आपसी सहमति होनी चाहिए

कवर्धा। प्रदेश के वन, परिवहन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री तथा कवर्धा के विधायक मोहम्मद अकबर ने शुक्रवार 13 मई को ग्राम जरहा नवागांव के पास प्रस्तावित घठौला बांध के क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम वासियों के साथ बैठकर खुली चर्चा की। ग्रामवासियों ने घठौला बांध बनाने की मांग की वही बांध बनने से प्रभावित होने वाले लोगों ने अपने व्यवस्थापन की मांग की।
कबीरधाम जिले के दौरे के अंतर्गत कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने बोड़ला विकासखंड के अंतर्गत आने वाले जरहा नवागांव पहुँचे। वहां पर बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे। जल संसाधन विभाग तथा राजस्व विभाग के अधिकारीगण भी वहाँ पहुँचे थे। वरिष्ठ अधिकारियों में कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा ठाकुर रावटे एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
ग्रामवासियों की बैठक में मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि प्रस्तावित बांध के संबंध में वे ग्रामवासियों की राय जानना चाहते हैं। सरपंच तिजउ राम साहू, उपसरपंच मायाराम साहू सहित ग्राम की महिलाओं व पुरूषों ने अपनी राय सामने रखी। अधिकांश ग्रामवासियों ने इस क्षेत्र में पानी की समस्या बताकर बांध बनने की आवश्यकता बतायी। बांध बनने से प्रभावित होने वाले ग्रामवासियों ने मंत्री के समक्ष कहा कि वे लोग बांध बनने के विरोध में नहीं है लेकिन उनकी मांग है कि उनका व्यवस्थापन किया जाये ताकि उनके रहने व खेती किसानी के लिए जगह उपलब्ध हो सके।
मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि 1998 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने इस क्षेत्र में अधिक से अधिक विकास कार्य कराने का प्रयास किया है। क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलियों का जाल बिछाने के साथ ही उन्होंने सुतियापाट जलाशय का निर्माण भी कराया है। 1998 के 40 वर्ष पूर्व से सुतियापाट जलाशय की मांग की जाती रही है। श्री अकबर ने बताया कि वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के साथ हेलीकाप्टर से आकर उन्होंने सुतियापाट जलाशय के शिलान्यास का कार्य सम्पन्न कराया था। मंत्री अकबर ने कहा कि घठौला बांध बनाये जाने से प्रभावित लोगों में कुछ ऐसे भी प्रभावित लोग है जिन्हें सुतियापाट जलाशय के लिए यहॉ विस्थापित किया गया था।
श्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि प्रस्तावित घठौला बांध के निर्माण के लिए सबसे पहले आपसी सहमति बनाने की आवश्यकता है। प्रभावित लोगों के व्यवस्थापन के संबंध में सहमति की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग बांध के लिए सर्वे प्रारंभ कर इसके जलभराव क्षेत्र (कैचमेंट एरिया) तथा डुबान क्षेत्र की जानकारी देगा। राजस्व विभाग यह जानकारी देगा कि बांध के क्षेत्र में कितने लोगों की जमीन आयेगी। ग्रामवासियों ने आपसी सहमति बनती है तो बांध निर्माण की दिशा मेें विचार किया जायेगा।

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